सेवा का संकल्प
सनातन परम्परा में मनुष्य के लिए चार आश्रम मने गए है |ब्रह्मचर्य,गृहस्थ,वान्प्रस्थ्य और संन्यास |पेशे से उद्योगपति इंजिनीयर रामगोपाल बंसल ने भी जीवन का तमाम रंग, दौलत-शौहरत देख लेने के बाद वानप्रस्थ आश्रम को अपनी दिनचर्या बना लिया है | यानी सादा खाओ खादी पहनो | बंसल जी के भीतर सेवा का जज्बा हमेशा से ही रहा जब भी समय मिलता जन सेवा में डट जाये थे | स्कूल-कोलज से जब भी मौका मिलता दीं दुखियों के सेवा में डट जाते थे और हर कदम पर साथ देते थे |कभी प्रदेश के जाने माने उद्योगपति में शुमार रहे श्री बंसल का ध्येय आज लोगो को जीवन के आदिकालीन सत्य और तथ्य से परिचित करना है...
सनातन आदिकालीन प्राकृतिक धर्म है |
अध्यात्म एवं सनातन संस्कृति के पूर्ण जागरण एवं विक्र्तियों के निवारण हेतु अक्षर प्रभात परिवार वर्तमान में निम्न कार्यों में जन जागरण कर सेवारत है |
१. अक्षर प्रभात ट्रस्ट की मासिक पत्रिका का प्रकाशन गत १४ बर्षों से लगातार .......
२.सनातन साहित्य एवं जन उपयोगी साहित्य |
3.स्वास्थय एवं शुचिता अभियान |
4.पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान |
५.गौ एवं पशुधन संरक्षण |
6.स्वदेशी खाद द्वारा खेती को बढ़ाबा दबा |
7.स्वदेशी तकनीक को बढ़ाबा देना |
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