Book Detail

January 2015

Description

यदि आप अकेले है तो इसका कोई महत्व नहीं है , क्युकि उसका कोई मूल्य ही नहीं है |
यदि आप संगठन में स्नेहशील ,रमणीक ,आलोचना रहित और सहयोगी बनकर रहते है तो आप मुल्यावान है |

अक्षर प्रभात

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